बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के तमाम कार्यों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला. यहां खेल स्टेडियम में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि गरीबों, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के लिए जो भी कार्य किया जाता है, कांग्रेस और उसके साथ चलने वाले दल या तो उसमें रोड़े अटकाने लगते हैं या उसका मजाक उड़ाते हैं.
अपनी रैली की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, 'इतना स्नेह तब होता है, जब सेवक से उसका विधाता खुश हो. आज भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 4 साल पूरे होने पर आपका ये प्रधानसेवक फिर आपके सामने नतमस्तक है. उन्होने कहा कि बागपत, पश्चिम यूपी और दिल्ली-एनसीआर वालों के लिए बहुत बड़ा दिन है. दो बहुत बड़ी सड़क परियोजनाओं का आज लोकार्पण किया गया है.'
पीएम ने कहा कि आज जब इस नई सड़क पर चलने का अवसर मुझे मिला तो अनुभव किया कि 14 लेन का सफर दिल्ली-एनसीआर के लोगों के जीवन को कितना सुगम बनाने वाला है. कहीं कोई रुकावट नहीं, एक से एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, कंक्रीट के साथ हरियाली का भी मेल किया गया है. जिस रफ्तार से ये 9 किलोमीटर सड़क बनी है, उसी रफ्तार से मेरठ तक इस पूरे एक्सप्रेसवे का काम करके, जल्द ही दूसरे चरण को भी जनता के लिए समर्पित किया जाएगा. जब ये हो जाएगा तो मेरठ से दिल्ली सिर्फ 45 मिनट रह जाएगी.
पीएम ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ जाम ही नहीं प्रदूषण की भी एक बड़ी समस्या है. जो साल दर साल और विकराल रूप लेती जा रही है. प्रदूषण की समस्या का एक कारण दिल्ली में आने-जाने वाली गाड़ियों और लंबे ट्रैफिक जाम हैं. हमारी सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के चारों ओर एक्सप्रेस वे का एक घेरा बनाने का बीड़ा उठाया. ये दो चरणों में बनाया जा रहा है. इसमें से एक चरण यानि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का भी थोड़ी देर पहले लोकार्पण किया गया है.
दिल्ली के अंदर आज जितनी गाड़ियां पहुंचती हैं, उसमें से अब लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ जाएगी. ना सिर्फ बड़ी गाड़ियां और ट्रक बल्कि 50 हज़ार से अधिक कारों को भी अब दिल्ली शहर के अंदर एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऐसी व्यवस्था बनाई गई है. सवा सौ करोड़ देशवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. यही सबका साथ, सबका विकास का रास्ता है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर जात-पात, पंथ-संप्रदाय, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब में भेद नहीं करता. इससे सबके लिए बराबरी के अवसर पैदा होते हैं. हमारी सरकार ने हाईवे, रेलवे, एयरवे, वॉटरवे, आईवे और बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक ध्यान दिया है.
पीएम ने कहा कि बीते चार वर्षों में 3 लाख करोड़ से अधिक खर्च कर 28 हज़ार किलोमीटर से अधिक के नए हाईवे बनाए चुके हैं. चार वर्ष पहले तक जहां एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे बनाए जा रहे हैं. इस वर्ष के बजट में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत 5 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके तहत लगभग 35 हज़ार किलोमीटर हाईवे बनाए जा रहे हैं. हाईवे ही नहीं, रेलवे में अभूतपूर्व काम हो रहा है. जहां रेलवे की कनेक्टिविटी नहीं थी, वहां तेज़ी से रेल नेटवर्क बिछाया जा रहा है. सिंगल लाइनों को ब्रॉडगेज में बदलने का काम तीव्र गति से चल रहा है. ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा रही है. लगभग साढ़े 5 हज़ार मानवरहित क्रॉसिंग को बीते चार वर्षों में हटाया जा चुका है.
देश के जल शक्ति का भी पूरा इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है. देश में 100 से ज्यादा नए वॉटरवेज बनाए जा रहे हैं. यहां यूपी में ही गंगा जी में जहाज़ चलने लगे हैं. गंगा जी के माध्यम से यूपी समंदर से जुड़ने वाला है. जल्द ही मालवाहक जहाज़ यूपी में बना सामान बड़े-बड़े पोर्ट तक पहुंचाएंगे. गंगा जी की तरह यमुना जी को लेकर भी योजनाएं बनाई जा रही हैं. जहां-जहां ट्रांसपोर्ट की ये सुविधाएं खड़ी की जा रही हैं, वहां-वहां नए उद्योगों के अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं. इसी सोच के साथ इस साल बजट में यूपी में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण का भी ऐलान किया गया है.
पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया की तमाम नई व्यवस्थाएं देश के युवाओं, मध्यम वर्ग की आशाओं-अपेक्षाओं के आधार पर खड़ी की जा रही हैं. हमारी सरकार की रफ्तार का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि कांग्रेस सरकार जहां अपने चार साल में सिर्फ 59 पंचायतें ही ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ पाई. वहीं हमने एक लाख से अधिक पंचायतों को ऑपटिकल फाइबर से जोड़ दिया है. मेक इन इंडिया के माध्यम से देश में मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसका परिणाम ये हुआ कि चार वर्ष पहले तक जहां देश में सिर्फ 2 मोबाइल फोन बनाने वाली फैक्ट्रियां थीं, आज 120 फैक्ट्रियां हैं. इनमें से कई तो यहां एनसीआर में ही हैं, जिनसे अनेक युवाओं को रोजगार भी मिला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बेहतर बिजनेस और कारोबार तब होता है जब सुरक्षा व्यवस्था सही होती है. यहां पश्चिम यूपी में तो आप साक्षात गवाह रहे हैं कि क्या स्थिति थी. लेकिन अब योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार में अपराधी खुद सरेंडर कर रहे हैं, कभी भी अपराध ना करने की शपथ लेने लगे हैं. हम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए भी निरंतर काम कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने देश में साढ़े 7 करोड़ शौचालय हो या फिर उज्जवला योजना के तहत दिए गए 4 करोड़ गैस कनेक्शन, इन्होंने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने का काम किया है.
वहीं मुद्रा योजना के तहत जो लगभग 13 करोड़ लोन दिए गए हैं, उनमें से 75 प्रतिशत से अधिक महिला उद्यमियों को मिले हैं. बीते चार वर्ष में हमने बेटियों को सम्मान दिया और सशक्त बनाया है. दलितों और पिछड़ों के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए बीते चार वर्षों में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं. चाहे वह स्वरोज़गार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा, आज अनेक योजनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं.
पीएम ने कहा कि ये हमारी सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि हम बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के तौर पर विकसित कर रहे हैं. मैं आपको अनुभव के आधार पर कह सकता हूं, कि जिनके मन में स्वार्थ है वो सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाने वाली राजनीति करता है. वो लोकलुभाव राजनीति करता है. लेकिन जो सही मायनों में आपके हित में सोचता है, वो लोकहित की राजनीति करता है. दलित और पिछड़े भाई-बहनों के लिए अवसरों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए भी बीते चार वर्षों में कई काम किए गए हैं. दलितों पर अत्याचार के कानून को हमने और कड़ा किया है. यही नहीं दलितों के अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया जा रहा है.
अपनी रैली की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, 'इतना स्नेह तब होता है, जब सेवक से उसका विधाता खुश हो. आज भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 4 साल पूरे होने पर आपका ये प्रधानसेवक फिर आपके सामने नतमस्तक है. उन्होने कहा कि बागपत, पश्चिम यूपी और दिल्ली-एनसीआर वालों के लिए बहुत बड़ा दिन है. दो बहुत बड़ी सड़क परियोजनाओं का आज लोकार्पण किया गया है.'
पीएम ने कहा कि आज जब इस नई सड़क पर चलने का अवसर मुझे मिला तो अनुभव किया कि 14 लेन का सफर दिल्ली-एनसीआर के लोगों के जीवन को कितना सुगम बनाने वाला है. कहीं कोई रुकावट नहीं, एक से एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, कंक्रीट के साथ हरियाली का भी मेल किया गया है. जिस रफ्तार से ये 9 किलोमीटर सड़क बनी है, उसी रफ्तार से मेरठ तक इस पूरे एक्सप्रेसवे का काम करके, जल्द ही दूसरे चरण को भी जनता के लिए समर्पित किया जाएगा. जब ये हो जाएगा तो मेरठ से दिल्ली सिर्फ 45 मिनट रह जाएगी.
पीएम ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ जाम ही नहीं प्रदूषण की भी एक बड़ी समस्या है. जो साल दर साल और विकराल रूप लेती जा रही है. प्रदूषण की समस्या का एक कारण दिल्ली में आने-जाने वाली गाड़ियों और लंबे ट्रैफिक जाम हैं. हमारी सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के चारों ओर एक्सप्रेस वे का एक घेरा बनाने का बीड़ा उठाया. ये दो चरणों में बनाया जा रहा है. इसमें से एक चरण यानि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का भी थोड़ी देर पहले लोकार्पण किया गया है.
दिल्ली के अंदर आज जितनी गाड़ियां पहुंचती हैं, उसमें से अब लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ जाएगी. ना सिर्फ बड़ी गाड़ियां और ट्रक बल्कि 50 हज़ार से अधिक कारों को भी अब दिल्ली शहर के अंदर एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऐसी व्यवस्था बनाई गई है. सवा सौ करोड़ देशवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. यही सबका साथ, सबका विकास का रास्ता है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर जात-पात, पंथ-संप्रदाय, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब में भेद नहीं करता. इससे सबके लिए बराबरी के अवसर पैदा होते हैं. हमारी सरकार ने हाईवे, रेलवे, एयरवे, वॉटरवे, आईवे और बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक ध्यान दिया है.
पीएम ने कहा कि बीते चार वर्षों में 3 लाख करोड़ से अधिक खर्च कर 28 हज़ार किलोमीटर से अधिक के नए हाईवे बनाए चुके हैं. चार वर्ष पहले तक जहां एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे बनाए जा रहे हैं. इस वर्ष के बजट में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत 5 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके तहत लगभग 35 हज़ार किलोमीटर हाईवे बनाए जा रहे हैं. हाईवे ही नहीं, रेलवे में अभूतपूर्व काम हो रहा है. जहां रेलवे की कनेक्टिविटी नहीं थी, वहां तेज़ी से रेल नेटवर्क बिछाया जा रहा है. सिंगल लाइनों को ब्रॉडगेज में बदलने का काम तीव्र गति से चल रहा है. ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा रही है. लगभग साढ़े 5 हज़ार मानवरहित क्रॉसिंग को बीते चार वर्षों में हटाया जा चुका है.
देश के जल शक्ति का भी पूरा इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है. देश में 100 से ज्यादा नए वॉटरवेज बनाए जा रहे हैं. यहां यूपी में ही गंगा जी में जहाज़ चलने लगे हैं. गंगा जी के माध्यम से यूपी समंदर से जुड़ने वाला है. जल्द ही मालवाहक जहाज़ यूपी में बना सामान बड़े-बड़े पोर्ट तक पहुंचाएंगे. गंगा जी की तरह यमुना जी को लेकर भी योजनाएं बनाई जा रही हैं. जहां-जहां ट्रांसपोर्ट की ये सुविधाएं खड़ी की जा रही हैं, वहां-वहां नए उद्योगों के अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं. इसी सोच के साथ इस साल बजट में यूपी में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण का भी ऐलान किया गया है.
पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया की तमाम नई व्यवस्थाएं देश के युवाओं, मध्यम वर्ग की आशाओं-अपेक्षाओं के आधार पर खड़ी की जा रही हैं. हमारी सरकार की रफ्तार का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि कांग्रेस सरकार जहां अपने चार साल में सिर्फ 59 पंचायतें ही ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ पाई. वहीं हमने एक लाख से अधिक पंचायतों को ऑपटिकल फाइबर से जोड़ दिया है. मेक इन इंडिया के माध्यम से देश में मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसका परिणाम ये हुआ कि चार वर्ष पहले तक जहां देश में सिर्फ 2 मोबाइल फोन बनाने वाली फैक्ट्रियां थीं, आज 120 फैक्ट्रियां हैं. इनमें से कई तो यहां एनसीआर में ही हैं, जिनसे अनेक युवाओं को रोजगार भी मिला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बेहतर बिजनेस और कारोबार तब होता है जब सुरक्षा व्यवस्था सही होती है. यहां पश्चिम यूपी में तो आप साक्षात गवाह रहे हैं कि क्या स्थिति थी. लेकिन अब योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार में अपराधी खुद सरेंडर कर रहे हैं, कभी भी अपराध ना करने की शपथ लेने लगे हैं. हम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए भी निरंतर काम कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने देश में साढ़े 7 करोड़ शौचालय हो या फिर उज्जवला योजना के तहत दिए गए 4 करोड़ गैस कनेक्शन, इन्होंने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने का काम किया है.
वहीं मुद्रा योजना के तहत जो लगभग 13 करोड़ लोन दिए गए हैं, उनमें से 75 प्रतिशत से अधिक महिला उद्यमियों को मिले हैं. बीते चार वर्ष में हमने बेटियों को सम्मान दिया और सशक्त बनाया है. दलितों और पिछड़ों के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए बीते चार वर्षों में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं. चाहे वह स्वरोज़गार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा, आज अनेक योजनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं.
पीएम ने कहा कि ये हमारी सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि हम बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के तौर पर विकसित कर रहे हैं. मैं आपको अनुभव के आधार पर कह सकता हूं, कि जिनके मन में स्वार्थ है वो सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाने वाली राजनीति करता है. वो लोकलुभाव राजनीति करता है. लेकिन जो सही मायनों में आपके हित में सोचता है, वो लोकहित की राजनीति करता है. दलित और पिछड़े भाई-बहनों के लिए अवसरों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए भी बीते चार वर्षों में कई काम किए गए हैं. दलितों पर अत्याचार के कानून को हमने और कड़ा किया है. यही नहीं दलितों के अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया जा रहा है.
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